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नई दिल्ली, एशेज सीरीज़ के पहले टेस्ट में पर्थ की उछालभरी और तेज़ पिच ने एक बार फिर कंगारू बल्लेबाज़ों की परीक्षा ले ली। मेजबान ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में सिर्फ 132 रन पर ऑलआउट हो गई, जिससे इंग्लैंड के लिए शुरुआती बढ़त हासिल करने का सुनहरा अवसर बन गया है। मैच की शुरुआत से ही कंडीशन्स गेंदबाज़ी के अनुकूल नजर आईं और इंग्लिश पेसर्स ने इसका भरपूर फायदा उठाया।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का पहला टेस्ट पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला जा रहा है। शनिवार को मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 132 रन पर ऑलआउट हो aगई। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को 40 रन की बढ़त मिली। इंग्लिश टीम के लिए कप्तान बेन स्टोक्स ने 5 विकेट लिए।

इससे पहले, शुक्रवार को इंग्लिश टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग का फैसला किया। टीम के लिए यह फैसला गलत साबित हुआ और 172 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि ऑस्ट्रेलिया भी इसका फायदा नहीं उठा सकी और पहले दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट खो दिए।

लायन के विकेट के साथ ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी खत्म आज ऑस्ट्रेलिया ने इपने 123/9 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया। नाथन लायन के विकेट के साथ टीम की पहली पारी खत्म हुई। लायन को ब्रायडन कार्स ने बेन डकेट के हाथों कैच कराया।शुक्रवार को मैच के पहले दिन 19 विकेट गिरे और ये सभी विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए। लंच के बाद इंग्लैंड 172 पर ऑलआउट हो गई। वहीं दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 123 रन पर ही 9 विकेट गंवा दिए।​​​​​​इंग्लिश टीम ने टॉस जीतकर बैटिंग का फैसला किया। टीम के लिए यह फैसला गलत साबित हुआ और 172 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि ऑस्ट्रेलिया भी इसका फायदा नहीं उठा सकी और दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट खो दिए।

अगर इंग्लैंड यह मैच जीतता है, तो यह ऑस्ट्रेलिया के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि पर्थ जैसी परिस्थितियाँ परंपरागत रूप से कंगारुओं के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं।
यह हार टीम के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है और इंग्लैंड को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकती है।