नई दिल्ली, एशियन यूथ गेम्स में भारत के युवा खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए कबड्डी मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक की दावेदारी मजबूत कर ली है। यह जीत न केवल खेल के मैदान पर भारत की श्रेष्ठता का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की ताकत और अनुशासन का भी परिचायक है।
बहरीन में चल रहे तीसरे एशियन यूथ गेम्स में भारत की कबड्डी टीम ने पाकिस्तान को 81-26 से हराकर बड़ी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में टॉस के दौरान भारतीय कप्तान इशांत राठी ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी कप्तान ने टॉस से पहले हाथ बढ़ाया, लेकिन भारतीय कप्तान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी ने भी हाथ वापस खींच लिया। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों ने आपसी खेल भावना दिखाते हुए सामान्य तरीके से हाथ मिलाया।
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद खेलों में दिखा तनाव का असर इसी साल हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा है। इसका असर खेलों पर भी नजर आ रहा है। कई मौकों पर भारतीय कप्तान और खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिला रहे हैं।
भारतीय टीम पॉइंट टेबल में टॉप पर
भारत की टीम का प्रदर्शन एशियन यूथ गेम्स में शानदार रहा है। इससे पहले भारत ने बांग्लादेश को 83-19 और श्रीलंका को 89-16 से हराया था। तीनों मैच जीतकर भारत अंक तालिका में पहले स्थान पर है, जबकि ईरान दूसरे नंबर पर है।
क्रिकेट में भारत ने हाथ नहीं मिलाया था एशिया कप 2025 (UAE) में भारत और पाकिस्तान के बीच तीन मैच हुए, लेकिन किसी भी मैच के बाद खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया।
- 14 सितंबर 2025: भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, कोई हैंडशेक नहीं हुआ।
- 21 सितंबर 2025: भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की, फिर भी टीमों ने हाथ नहीं मिलाया।
- 28 सितंबर 2025 (फाइनल): भारत ने 5 विकेट से जीत दर्ज की, यहां भी खिलाड़ियों ने हैंडशेक से दूरी बनाए रखी।
भारतीय कोच ने मैच के बाद कहा कि यह जीत टीम की कड़ी मेहनत और एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि युवा खिलाड़ियों ने जिस तरह से दबाव में संयम और फुर्ती दिखाई, वह भारत के कबड्डी भविष्य के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत है।
इस जीत से भारत ने न केवल पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि कबड्डी के मैदान पर उसका दबदबा एशिया स्तर पर बरकरार है।
















