नई दिल्ली, भारत की युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह का सफर कनाडियन स्क्वैश ओपन के सेमीफाइनल में आकर थम गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और बेहतरीन खेल कौशल दिखाया, लेकिन कड़े मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि जीत से चूकने के बावजूद अनाहत ने अपने दमदार खेल से दर्शकों और विशेषज्ञों का दिल जीत लिया।
अनाहत ने शुरुआती राउंड में अनुभव और आत्मविश्वास का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। तेज़ मूवमेंट, सटीक शॉट्स और मैच पर नियंत्रण रखने की उनकी क्षमता ने साबित किया कि वे विश्व स्तर पर भारत की एक उभरती हुई स्क्वैश स्टार हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन निर्णायक गेम में मामूली अंतर से हार गईं। भारत की अनाहत सिंह को कनाडियन स्क्वैश ओपन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। टोरंटो में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड की नंबर-1 खिलाड़ी जीना केनेडी ने उन्हें सीधे गेमों में 11-5, 11-8, 12-10 से हराया। यह मैच केवल 30 मिनट तक चला। टूनार्मेंट की इनामी राशि 96,250 अमेरिकी डॉलर (लगभग 80 लाख रुपये) है।
वर्ल्ड नंबर-7 को हरा कर सेमीफाइनल में पहुंची थी दिल्ली की 17 साल की अनाहत सिंह नेशनल चैंपियन हैं। उनकी वर्ल्ड रैंकिंग 43 है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड की नंबर 7 खिलाड़ी और बेल्जियम की दूसरी वरीयता प्राप्त टिने गिलिस को सीधे गेमों में 12-10, 11-9, 11-9 से हराया। यह मैच सिर्फ 36 मिनट में खत्म हो गया।
मैच के बाद अनाहत ने कहा-मैं बेस्ट देने के लिए उतरी थी मैच के बाद उन्होंने PSA की वेबसाइट पर इंटरव्यू देते हुए कहा-‘मैं सिर्फ अपना बेस्ट स्क्वैश खेलने की सोचकर मैदान में उतरी थी, और आखिर में यह रणनीति कामयाब रही।’
उन्होंने आगे कहा कि इस टूर्नामेंट से पहले मैं सोच भी नहीं सकती थी कि सेमीफाइनल तक पहुंचूंगी। पिछले हफ्ते मेरा खेल ठीक नहीं चल रहा था, लेकिन यूएस ओपन के दौरान फ्रांस के दिग्गज कोच ग्रेग गॉल्टियर के साथ मैंने 4 दिन कड़ी ट्रेनिंग की।
भारतीय स्क्वैश संघ ने भी अनाहत के प्रयासों की सराहना की और कहा कि “उनका यह प्रदर्शन भारतीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।” कनाडियन ओपन में उनकी यात्रा ने युवा खिलाड़ियों को यह संदेश दिया कि मेहनत और निरंतरता से कोई भी खिलाड़ी विश्व स्तर पर पहचान बना सकता है।
















