नई दिल्ली, न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज Finn Allen ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया है। एलन ने बेहद कम गेंदों में शतक जड़ते हुए क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी नया अध्याय जोड़ दिया।
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली।
साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 169 रन बनाए, लेकिन कीवी टीम ने 170 रन का लक्ष्य सिर्फ 12.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
फिन एलन ने 33 गेंदों में नाबाद 100 रन की पारी खेली और टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक भी अपने नाम कर लिया।
मैच के दौरान एलन शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट खेलते हुए विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। पावरप्ले का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने तेजी से रन बटोरे और कुछ ही ओवरों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद भी उन्होंने रफ्तार कम नहीं की और चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए शतक तक पहुंच गए।
एलन की इस पारी की खास बात उनकी स्ट्राइक रेट और आक्रामक सोच रही। उन्होंने लगभग हर गेंदबाज के खिलाफ बड़े शॉट लगाए और गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया। उनकी इस पारी में कई शानदार छक्के और आकर्षक चौके देखने को मिले, जिससे दर्शकों को भरपूर रोमांच मिला।
टीम के लिए यह शतक बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि इससे मैच का पूरा मोमेंटम बदल गया। एलन की बल्लेबाजी के दम पर टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और विरोधी टीम पर दबाव बना दिया। उनकी यह पारी आने वाले समय में भी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि एलन की इस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी आधुनिक टी-20 क्रिकेट की पहचान बन चुकी है। युवा बल्लेबाजों में आक्रामकता और तेजी से रन बनाने की क्षमता अब टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। एलन की यह पारी उसी बदलाव का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

















