नई दिल्ली, भारत और जिम्बाब्वे के अहम मुकाबले से पहले मैदान प्रबंधन ने ओस (ड्यू) की समस्या से निपटने के लिए विशेष केमिकल मंगवाया है। जानकारी के मुताबिक यह ‘ड्यू क्योर’ सॉल्यूशन अमेरिका से आयात किया गया है, ताकि रात के मैच में गेंद पर पड़ने वाली नमी का असर कम किया जा सके।
ओस के कारण अक्सर दूसरी पारी में गेंदबाजों को दिक्कत होती है—गेंद फिसलती है, स्पिन पर नियंत्रण घटता है और फील्डिंग भी प्रभावित होती है। ऐसे में ग्राउंड स्टाफ पिच और आउटफील्ड पर विशेष स्प्रे का इस्तेमाल कर सतह को अपेक्षाकृत सूखा रखने की कोशिश करता है।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आज ओस (ड्यू) को बड़ा फैक्टर बनने से रोकने के लिए खास तैयारी की गई है। आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा, रात के समय मैदान पर काफी ओस पड़ेगी।
जिससे ऐसे हालात में बैटिंग आसान और बॉलिंग उतनी ही मुश्किल हो जाती है। ऐसे में मैच को बराबरी पर लाने के लिए इम्पोर्टेड केमिकल इस्तेमाल किया जाएगा। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चेपॉक स्टेडियम में ओस का प्रभाव कम करने के लिए ‘ड्यू क्योर’ नाम का एक इम्पोर्टेड केमिकल का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे अमेरिका से मंगाया गया है।
चेन्नई में बढ़ते तापमान से ओस की चिंता अब तक खेले गए शाम के मुकाबलों में ओस बहुत बड़ा कारण नहीं बनी है, लेकिन इस सप्ताह चेन्नई में तापमान बढ़ने के कारण ओस चिंता का विषय बन सकती है। आज मैच के दौरान ह्यूमिडिटी लेवल 80 से 90 परसेंट के बीच रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि दूसरी पारी के दौरान आउटफील्ड पर ओस का असर देखने को मिलेगा।
India national cricket team और Zimbabwe national cricket team के बीच होने वाले इस मैच में टॉस की भूमिका अहम मानी जा रही है। अगर ओस ज्यादा पड़ती है, तो लक्ष्य का पीछा करना आसान हो सकता है। इसी वजह से आयोजन समिति ने पहले से तकनीकी उपाय अपनाने का फैसला किया।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक ग्राउंड मैनेजमेंट तकनीकों से मैच की निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलती है। हालांकि, मौसम की स्थिति और आर्द्रता का स्तर भी निर्णायक कारक रहेगा।
मैच से पहले इस कदम ने चर्चा जरूर छेड़ दी है, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट में ओस का असर कई बार परिणाम बदल चुका है।














