नई दिल्ली । अफगानिस्तान क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान लगातार मजबूत की है। खासकर टी-20 प्रारूप में टीम ने कई यादगार जीत दर्ज की हैं। एशिया कप के मंच पर अफगानिस्तान की टीम ने वह करिश्मा कर दिखाया, जिसे उनकी टी-20 एशिया कप की सबसे बड़ी जीत कहा जा सकता है। यह जीत केवल स्कोरबोर्ड पर दबदबा बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह साबित कर दिया कि अफगानिस्तान अब क्रिकेट की दुनिया में किसी भी बड़े प्रतिद्वंद्वी को हराने की क्षमता रखता है।
अबु धाबी के शेख जायद स्टेडियम में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी। फिर 20 ओवर में 6 विकेट पर 188 रन बनाए। जवाब में हॉन्ग कॉन्ग की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 94 रन ही बना सकी।
अफगानिस्तान से सेदिकुल्लाह अटल (52 बॉल पर 73 रन) और अजमतुल्लाह उमरजई (21 बॉल पर 53 रन) ने अर्धशतक जमाए। मोहम्मद नबी ने 33 रन स्कोर किए। किंचित शाह और आयुष शुक्ला को 2-2 विकेट मिले। हॉन्ग कॉन्ग के बाबर हयात ने सबसे ज्यादा 39 रन बनाए। फजलहक फारुकी और गुलबदीन नाइब को 2-2 विकेट मिले।
अजमतुल्लाह उमरजई को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 20 बॉल पर फिफ्टी पूरी की। वे टी-20 इंटरनेशनल में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफगानी बैटर बने हैं। उन्होंने मोहम्मद नबी के 21 बॉल के रिकॉर्ड को तोड़ा।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
अफगानिस्तान : राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, इब्राहिम जादरान, गुलबदीन नाइब, करीम जनत, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, नूर अहमद, अल्लाह गजनफर और फजलहक फारूकी।
हॉन्ग कॉन्ग : यासिम मुर्तजा (कप्तान), बाबर हयात, जीशान अली, अंशुमन रथ, कल्हान मार्क चल्लू, निजाकत खान, मोहम्मद ऐजाज खान, किंचित शाह, आयुष शुक्ला, अतीक इकबाल और एहसान खान।


















