नई दिल्ली, महिला क्रिकेट का बड़ा उत्सव विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) अब एक नए टाइम-फ्रेम में पहुँच रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, WPL का चौथा सीज़न 7 जनवरी (या उसके आसपास) से शुरू होने की संभावना है, जो पिछले वर्षों के फरवरी-मार्च विंडो से हटकर होगा।
विमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन की शुरुआत 7 जनवरी से होगी। फाइनल 3 फरवरी को खेला जा सकता है। क्रिकबज के अनुसार, टूर्नामेंट के शुरुआती लीग मैच मुंबई के DY पाटिल स्टेडियम में खेले जा सकते हैं, जिसने हाल ही में विमेंस वर्ल्ड कप फाइनल की मेजबानी की थी।
बाकी मैचों के लिए बड़ौदा को चुना गया है, जिसमें कोटांबी स्टेडियम में होने वाला फाइनल भी शामिल है। बड़ौदा में मुकाबले 16 जनवरी से शुरू हो सकते हैं, क्योंकि इसी मैदान पर 11 जनवरी को भारत-न्यूजीलैंड का वनडे मैच खेलना है। टूर्नामेंट का पहला मेगा ऑक्शन इसी महीने 27 नवंबर को दिल्ली में होगा।
पिछले सीजन में 4 शहरों ने की थी मेजबानी WPL के तीसरे सीजन की मेजबानी 4 शहरों ने की थी। इनमें लखनऊ, बेंगलुरु, मुंबई और बड़ौदा शामिल थे। BCCI ने अभी फ्रेंचाइजी मालिकों को आधिकारिक रूप से नहीं बताया है कि इस बार मैच किस शहर में होंगे, लेकिन अनौपचारिक बातचीत में इन्हीं वेन्यूज पर चर्चा चल रही है।
टीमों को औपचारिक जानकारी 27 नवंबर को दिल्ली में होने वाली WPL नीलामी के दौरान दी जा सकती है। इस बार भी मेजबानी के लिए वहीं 4 शहर- लखनऊ, बेंगलुरु, मुंबई और बड़ौदा ने दावेदारी पेश की थी। जिसमें मुंबई और बड़ौदा चुने गए हैं।
जनवरी में क्यों हो रहा WPL अभी तक विमेंस प्रीमियर लीग के तीनों सीजन मार्च में खेले गए हैं। पहली बार टूर्नामेंट जनवरी में कराया जाएगा। इसके पीछे दो मुख्य वजह हैं-
- पुरुषों का टी-20 वर्ल्ड कप फरवरी के पहले हफ्ते से भारत और श्रीलंका में शुरू हो रहा है, जो एक महीने चलेगा।
- जनवरी को WPL की स्थायी विंडो माना जा रहा है, ताकि लीग की तारीखें किसी अन्य टी-20 लीग या ICC के फ्यूचर टूर प्रोग्राम से न टकराएं।
पिछले सीजन की चैंपियन मुंबई इंडियंस है, WPL को सबसे ज्यादा 2 बार मुंबई इंडियंस ने जीता है। टीम ने 2023 के पहले और 2025 के तीसरे सीजन में जीत हासिल की थी। 2024 के दूसरे सीजन को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता था।
अगर WPL वाकई 7 जनवरी से शुरू होती है, तो यह लीग इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेगी — न सिर्फ अपने शेड्यूल में, बल्कि महिला क्रिकेट की प्राथमिकताओं और महत्व में भी। यह बदलाव दर्शाता है कि BCCI और ICC महिलाएं क्रिकेट को एक स्थिर और लंबी अवधि वाली फ्रैंचाइज़ी लीग के रूप में देखना चाहते हैं।

















