नई दिल्ली । टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की मंगलवार को द ओवल क्रिकेट स्टेडियम के मेन पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस से बहस हो गई। न्यूज एजेंसी PTI ने इस बहस का वीडियो जारी किया। इतना ही नहीं, दावा किया कि भारतीय कोच पिच को लेकर खुश नहीं हैं।
यह वाकया उस समय हुआ जब गंभीर पिच का मुआयना कर रहे थे। दोनों के बीच कुछ बातों को लेकर तीखी बहस देखी गई। यहां 31 जुलाई से भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का 5वां मुकाबला खेला जाएगा। भारत के पास इसे जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर करने का मौका है। फिलहाल, इंग्लिश टीम 2-1 की बराबरी पर है।
क्या है पूरा मामला?
मैच से पहले प्री मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बताया कि जब हम पिच देखने गए, तो हमें कहा गया कि 2.5 मीटर दूर खड़े रहो। हम जॉगर्स (लोअर) पहने हुए थे। यह अजीब लगा। हमने रबर स्पाइक वाले जूते पहने थे और विकेट को देखकर कोई नुकसान नहीं पहुंचा। आखिरकार, ये एक पिच है, कोई एंटीक आइटम नहीं।
इसके बाद जब भारतीय सपोर्ट स्टाफ आइस बॉक्स ला रहा था, तब ओवल के चीफ क्यूरेटर ली फोर्टिस ने उन पर चिल्ला दिया। इसी बात पर भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने आपत्ति जताई। कोटक ने कहा, क्यूरेटर जिस तरह से बात कर रहा था, वो गंभीर को पसंद नहीं आया। वैसे भी ओवल का क्यूरेटर बहुत सहज व्यक्ति नहीं माना जाता।
कोटक ने स्पष्ट किया कि भारत इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराएगा।
पिच क्यूरेटर ने कहा, गंभीर थोड़ा संवेदनशील हो गए
ओवल ग्राउंड के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस ने गौतम गंभीर के साथ हुए विवाद पर कहा, आगामी मैच काफी बड़ा है। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं गंभीर से खुश हूं या नहीं। मैं आज से पहले कभी उनसे नहीं मिला था। आपने आज सुबह देखा कि वह कैसे थे। कोई बात नहीं, मैं ठीक हूं। हमारे पास छुपाने को कुछ भी नहीं है।
गंभीर पिच की स्थिति को लेकर असहमत दिखें
गंभीर पिच को लेकर नाराज दिखे और उन्होंने मैदान पर पहुंचकर सीधे क्यूरेटर से बातचीत की। दोनों के बीच पिच की स्थिति और व्यवहार को लेकर असहमति देखी गई।
सूत्रों के मुताबिक, गंभीर को यह कहते हुए सुना गया, आप यहां सिर्फ ग्राउंड्स मैन हैं। यह बहस नेट्स में हुई, जब खिलाड़ी अपने रन-अप एरिया पर निशान लगा रहे थे। बाद में बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक आए और क्यूरेटर को अपने साथ ले गए और उनसे बात की, जबकि गंभीर अभी भी दूर से क्यूरेटर से बहस कर रहे थे।
















