RCB blamed for Stampede
RCB blamed for Stampede

नई दिल्ली, बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की विक्ट्री डे परेड पर हुई भगदड़ को लेकर कर्नाटक सरकार की ओर से बनाए गए जस्टिस जॉन माइकल कुन्हा आयोग की रिपोर्ट शुक्रवार को सामने आई। इसमें स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित बताया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेडियम की डिजाइन ऐसी नहीं है कि वहां बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित तरीके से इकट्ठा हो सकें। स्टेडियम में भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकासी व्यवस्था, पार्किंग और इमरजेंसी प्लान जैसी बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी है।

स्टेडियम में 30 सितंबर से 2 नवंबर तक महिला वनडे वर्ल्ड कप के शुरुआती और सेमीफाइनल मैच होने थे, लेकिन अब मैच होंगे या नहीं यह तय नहीं है। KSCA ने अपनी राज्य स्तरीय T20 लीग ‘महाराजा ट्रॉफी’ को भी दर्शकों के बिना कराने का फैसला किया है।

RCB, DNA एंटरटेनमेंट और KSCA जिम्मेदार

इसके अलावा कमेटी ने RCB फ्रेंचाइजी, उनके इवेंट पार्टनर DNA एंटरटेनमेंट और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है और KSCA अध्यक्ष रघुराम भट, पूर्व सचिव ए शंकर, पूर्व कोषाध्यक्ष ईएस जयराम, RCB के वाइस प्रेसिडेंट राजेश मेनन और DNA एंटरटेनमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

IPL 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली खिताबी जीत के जश्न के दौरान 4 जुलाई को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

17 जुलाईः कर्नाटक सरकार ने RCB को जिम्मेदार बताया

इससे पहले 17 जुलाई को कर्नाटक सरकार की रिपोर्ट गुरुवार को सामने आई थी। रिपोर्ट में हादसे का जिम्मेदार RCB को बताया गया था। इसमें कोहली का भी जिक्र था। कर्नाटक सरकार ने कहा कि RCB ने चिन्नास्वामी में आयोजित विक्ट्री परेड के लिए सरकार से कोई अनुमति नहीं ली थी।

हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि आयोजन को अचानक रद्द करने से हिंसा भड़क सकती थी और शहर में कानून-व्यवस्था बिगड़ जाती। सरकार ने 15 जुलाई को हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी थी। सरकार ने कोर्ट में कहा था कि वे रिपोर्ट को गोपनीय रखना चाहते हैं लेकिन कोर्ट ने कहा कि ऐसी गोपनीयता के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।