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नई दिल्ली । दिव्या देशमुख भी चेस के FIDE विमेन वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके साथ ही पहली बार दो भारतीय महिला टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना पाई हैं।

इससे पहले रविवार को कोनेरु हम्पी सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। यह टूर्नामेंट जॉर्जिया के बटुमी में खेला जा रहा है।

दिव्या ने ट्राई ब्रेक में हरिका द्रोणावल्ली को हराया सोमवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में दिव्या देशमुख ने अपनी ही देश की हरिका द्रोणावल्ली को हरा कर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया। दिव्या और हरिका के दोनों क्लासिकल मुकाबले ड्रॉ रहे थे और टाई ब्रेक में दिव्या ने दोनों ही बाजियां जीत कर सेमीफाइनल के लिए प्रवेश किया। अब सेमीफाइनल में उनका मुकाबला तान झोंगयी से होगा।

कोनेरू हम्पी ने चीनी खिलाड़ी को हराया वहीं, कोनेरू हम्पी ने चीन की सॉन्ग युक्सिन को हराकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया था। उन्होंने पहला गेम जीता, जबकि दूसरा गेम ड्रॉ रहा। अब सेमीफाइनल में चीन की लेई टिंगजी से खेलेंगी।

पहली बार भारत की चार महिला खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंची इस टूर्नामेंट में पहली बार भारत की चार महिला खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंची। कोनेरू हंपी के अलावा हरिका द्रोणवल्ली, आर. वैशाली और दिव्या देशमुख ने क्वार्टरफाइनल में अपना स्थान पक्का किया।

वैशाली को मिली हार वैशाली रमेशबाबू को चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त तान झोंगयी से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही इस टूर्नामेंट में उनका अभियान समाप्त हो गया। वैशाली ने कजाकिस्तान की मेरुएर्त कमालिदेनोवा को हराकर क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया था।