नई दिल्ली, Indian Premier League के 19वें सीजन में भारतीय बल्लेबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम किया है। इस बार विदेशी खिलाड़ियों के मुकाबले घरेलू खिलाड़ियों ने ज्यादा रन बनाकर और निर्णायक पारियां खेलकर टूर्नामेंट की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
IPL के शुरुआती वर्षों में यह आंकड़ा 50% के आसपास रहता था और 2009 में तो यह 47.51% तक गिर गया था। लेकिन इस साल भारतीय बल्लेबाजों ने रनों का जो अंबार लगाया है, उसने विदेशी बल्लेबाजों की चमक फीकी कर दी है। विदेशी बल्लेबाजों ने इस सीजन 30.79% रन (4034) बनाए हैं, जो भारतीय बैटर्स का आधा भी नहीं है।
सीजन 2026 में कई भारतीय बल्लेबाजों ने न सिर्फ लगातार रन बनाए, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत भी दिलाई। टॉप रन स्कोरर्स की लिस्ट में भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी देखने को मिल रही है, जो इस बात का संकेत है कि देश की बल्लेबाजी प्रतिभा नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है।
Shubman Gill, Yashasvi Jaiswal, Ruturaj Gaikwad और Virat Kohli जैसे खिलाड़ियों ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए बड़े-बड़े स्कोर बनाए हैं। इन बल्लेबाजों ने न सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाए, बल्कि अपनी टीमों को मजबूत स्थिति में भी पहुंचाया।
इस सीजन की खास बात यह रही कि भारतीय बल्लेबाजों ने पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर्स तक हर चरण में आक्रामक बल्लेबाजी की। उनका स्ट्राइक रेट भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर रहा, जिससे मैच का टेम्पो पूरी तरह बदल गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल का यह सीजन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दे रहा है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का यह संतुलन टीम इंडिया के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है, खासकर आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स को देखते हुए।
इसके अलावा, कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ी है और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह दर्शाता है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और आईपीएल जैसे मंच उन्हें निखारने का बेहतरीन अवसर दे रहे हैं।
















