नई दिल्ली, एक चर्चित बास्केटबॉल चैंपियन ने अपनी शानदार फिटनेस और बेहतरीन परफॉर्मेंस के पीछे छिपे ‘कैंडी सीक्रेट’ का खुलासा किया है, जिसने खेल जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर जहां एथलीट्स सख्त डाइट और शुगर से दूरी बनाकर रखते हैं, वहीं इस खिलाड़ी ने अपने रूटीन में सीमित मात्रा में ‘कैंडी’ को भी शामिल करने की बात कही है।
आयोवा स्टेट के मिलन इस वक्त डिवीजन-1 कॉलेज बास्केटबॉल के सबसे सटीक शूटर हैं। लेकिन एक वक्त था जब हर शॉट से पहले उनका आत्मविश्वास डगमगा जाता था। मिलन बताते हैं, ‘मुझे हमेशा लगता था कि मेरे शॉट में कुछ कमी है। शायद गेंद का आर्क सही नहीं है या मैं सही तरीके से थ्रो नहीं कर रहा हूं।’ लगातार गिरते कॉन्फिडेंस को बचाने के लिए उन्होंने एक मशहूर स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. मैथ्यू मायरविक से संपर्क किया।
खिलाड़ी के अनुसार, यह ‘कैंडी सीक्रेट’ दरअसल पूरी तरह अनहेल्दी आदत नहीं, बल्कि एक नियंत्रित और संतुलित रणनीति का हिस्सा है। कठिन ट्रेनिंग सेशन और मैचों के बीच थोड़ी मात्रा में मीठा खाने से उन्हें तुरंत ऊर्जा (quick energy boost) मिलती है, जिससे उनकी परफॉर्मेंस पर सकारात्मक असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स में शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है, और ग्लूकोज या शुगर इसका एक त्वरित स्रोत हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तरीका तभी कारगर है जब इसे सही मात्रा और सही समय पर लिया जाए, अन्यथा यह नुकसानदेह भी हो सकता है।
चैंपियन ने यह भी बताया कि उनका पूरा फिटनेस रूटीन बेहद संतुलित है—जिसमें सख्त वर्कआउट, प्रोटीन-रिच डाइट, हाइड्रेशन और पर्याप्त आराम शामिल है। ‘कैंडी’ सिर्फ एक छोटा हिस्सा है, जो मानसिक ताजगी और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
इस खुलासे के बाद फैंस और युवा खिलाड़ियों में इस बात को लेकर जिज्ञासा बढ़ गई है कि क्या पारंपरिक फिटनेस नियमों से हटकर भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना उचित मार्गदर्शन के इस तरह के प्रयोग नहीं करने चाहिए।
यह ‘कैंडी सीक्रेट’ दिखाता है कि खेल में सफलता के लिए सिर्फ कड़ी मेहनत ही नहीं, बल्कि स्मार्ट रणनीति और संतुलित जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।
















