नई दिल्ली , आईपीएल फ्रेंचाइज़ी राजस्थान रॉयल्स को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसमें टीम के लगभग ₹15,000 करोड़ के मूल्यांकन पर बिकने की चर्चा है। यह डील अगर पूरी तरह पुष्टि होती है, तो आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी फ्रेंचाइज़ी वैल्यूएशन में से एक मानी जाएगी।
IPL की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स को नए मालिक मिल गए हैं। पिछले कुछ महीनों से चली आ रही प्रक्रिया के बाद आखिरकार 1.63 बिलियन डॉलर यानि करीब 15,289 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ राजस्थान रॉयल्स की बिक्री फाइनल हो गई है।
भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कॉन्सोर्टियम ने फ्रेंचाइजी के लिए ये सबसे बड़ी बोली लगाई है, जिसे मंजूर कर लिया गया है।
RR 24 गुना ज्यादा में बिकी 2008 में जब राजस्थान रॉयल्स को खरीदा गया था, तब इसकी कीमत सिर्फ 67 मिलियन डॉलर थी, जो उस समय लगभग ₹260-270 करोड़ के आसपास बैठती थी। अगर उसी 67 मिलियन डॉलर को आज की वैल्यू में देखा जाए, तो यह करीब ₹628 करोड़ बनता है।
अब 2026 में यही फ्रेंचाइजी करीब 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग ₹15,289 करोड़) में बिकी है। यानी, मौजूदा वैल्यू की तुलना 2008 की आज की कीमत (₹628 करोड़) से करें, तो राजस्थान रॉयल्स की कीमत में करीब 24 गुना का उछाल आया है।
क्यों बढ़ी इतनी वैल्यू?
विशेषज्ञों के अनुसार इस भारी वैल्यूएशन के पीछे कई कारण हैं—
- इंडियन प्रीमियर लीग की वैश्विक लोकप्रियता
- मीडिया राइट्स और ब्रांड वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी
- टीम का मजबूत फैन बेस और डिजिटल रीच
- युवा खिलाड़ियों को प्रमोट करने की रणनीति
निवेशकों की दिलचस्पी क्यों?
आईपीएल आज दुनिया की सबसे मूल्यवान क्रिकेट लीग्स में शामिल है। ऐसे में राजस्थान रॉयल्स जैसी फ्रेंचाइज़ी में निवेश करना बड़े बिजनेस अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होगा असर?
- अन्य आईपीएल टीमों की वैल्यूएशन भी बढ़ सकती है
- स्पोर्ट्स बिजनेस में नए निवेशकों की एंट्री तेज होगी
- लीग की ग्लोबल ब्रांडिंग और मजबूत होगी
हालांकि, इस डील को लेकर आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार है, लेकिन खबर ने क्रिकेट और बिजनेस जगत में हलचल जरूर मचा दी है।













