नई दिल्ली, भारत में क्रिकेट का जुनून हमेशा से देखा जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में महिलाओं के बीच भी इस खेल के प्रति उत्साह तेजी से बढ़ा है। खास तौर पर Women’s Premier League और Board of Control for Cricket in India (BCCI) की नई पहलों के बाद महिला क्रिकेट को लेकर दिलचस्पी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
भारत में महिलाओं के बीच क्रिकेट खेलने की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक नए सर्वे के मुताबिक 2020 के बाद से 14 राज्यों में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हो गई है।
बीबीसी और कलेक्टिव न्यूजरूम की ओर से कराए गए इस सर्वे में 10 हजार से ज्यादा महिलाओं को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि 2020 में जहां सिर्फ 5% महिलाओं ने क्रिकेट खेलने की बात कही थी, अब यह आंकड़ा बढ़कर 10% हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलताओं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन ने भी इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई है। Harmanpreet Kaur, Smriti Mandhana और Jemimah Rodrigues जैसी खिलाड़ियों की लोकप्रियता ने युवा लड़कियों को क्रिकेट की ओर आकर्षित किया है।
आज स्थिति यह है कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर लड़कियां पहले से ज्यादा संख्या में क्रिकेट खेल रही हैं। कई राज्यों में महिला क्रिकेट अकादमियों की संख्या भी बढ़ रही है, जहां युवा खिलाड़ी पेशेवर प्रशिक्षण ले रही हैं।
सोशल मीडिया और टेलीविजन प्रसारण ने भी महिला क्रिकेट को नई पहचान दी है। बड़े टूर्नामेंटों के लाइव प्रसारण और खिलाड़ियों की लोकप्रियता के कारण महिला क्रिकेट अब केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रेरणा और करियर का एक मजबूत विकल्प भी बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसी तरह समर्थन और अवसर मिलते रहे तो आने वाले वर्षों में भारत में महिला क्रिकेट का स्तर और लोकप्रियता दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं।

















