नई दिल्ली, आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबले हमेशा से हाई-वोल्टेज रहे हैं, लेकिन जब बात भारत और इंग्लैंड की हो तो रोमांच कई गुना बढ़ जाता है। इस बार एक बार फिर दोनों टीमें आईसीसी सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी और यह पांचवीं बार होगा जब ये दो दिग्गज टीमें किसी बड़े आईसीसी इवेंट के सेमीफाइनल में भिड़ेंगी।
भारत और इंग्लैंड ICC टूर्नामेंट में पांचवीं बार सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। अब तक खेले गए 4 मुकाबलों में दोनों टीमें 2-2 जीत के साथ बराबरी पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने इंग्लैंड को जब भी सेमीफाइनल में हराया, देश तब खिताब जीतने में भी कामयाब रहा।
भारत-इंग्लैंड पहला सेमीफाइनल 1983 वनडे वर्ल्ड कप में हुआ था। तब भारत ने अंग्रेजों को हराया और फिर फाइनल में वेस्टइंडीज को मात देकर टीम चैंपियन बनी। दोनों टीमें सेमीफाइनल में आखिरी बार 2024 टी-20 वर्ल्ड कप में भिड़ीं। तब भी भारत ने इंग्लैंड को हराया और फिर फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब जीता। 1987 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल हुआ था। इन दो मौकों पर इंग्लैंड ने जीत हासिल की।
आगे पढ़िए चारों भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल की ब्रीफ स्टोरी। उससे पहले देखिए ICC टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भारत का किस टीम के खिलाफ कैसा रिकॉर्ड है।
क्रिकेट के दो मजबूत स्तंभ – India national cricket team और England cricket team – के बीच मुकाबला दशकों पुराना है। दोनों टीमों ने टेस्ट, वनडे और टी-20 फॉर्मेट में कई यादगार मैच खेले हैं। आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में इनकी टक्कर हमेशा निर्णायक और रोमांचक रही है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी ताकत दिखाई है, जबकि इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी और गहराई वाली टीम संतुलन उन्हें बेहद खतरनाक बनाता है।
इस सेमीफाइनल में भारत की मजबूती उसका टॉप ऑर्डर और ऑलराउंडर्स का प्रदर्शन होगा। मध्यक्रम की स्थिरता और डेथ ओवर गेंदबाजी अहम भूमिका निभाएगी।
वहीं इंग्लैंड की टीम पावरप्ले में तेज रन बनाने और मध्य ओवरों में आक्रामकता बनाए रखने की रणनीति के साथ उतरेगी। उनके पास मैच फिनिश करने वाले कई खिलाड़ी मौजूद हैं।
आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबले हमेशा करीबी रहे हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर छोटी-सी गलती भी हार-जीत का अंतर तय कर सकती है।
इस बार का सेमीफाइनल न सिर्फ दो टीमों की टक्कर है, बल्कि यह रणनीति, धैर्य और बड़े मंच पर प्रदर्शन की असली परीक्षा होगी।

















