नई दिल्ली, न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने हालिया मैच के बाद टीम की स्थिति पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि टूर्नामेंट में अब हालात उनके नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं और सेमीफाइनल की उम्मीदें दूसरे मुकाबलों के नतीजों पर निर्भर हो गई हैं। सैंटनर का यह बयान सुपर-8 चरण की जटिल अंकतालिका को दर्शाता है।
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक मोड़ पर आ गया है। सुपर-8 स्टेज में 2 दिन का खेल बाकी है और सेमीफाइनल की 2 टीमें अब भी तय होना बाकी है। 2 स्पॉट के लिए 4 टीमें रेस में बनी हुई हैं।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने इंग्लैंड से हार के बाद कहा कि चीजें अब उनके कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। टीम अब पाकिस्तान की हार के भरोसे है। टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भी पारिवारिक कारणों के चलते न्यूजीलैंड लौट गए हैं।
सुपर-8 स्टेज में लगातार 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में एंट्री करने वाली इंग्लिश टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने जोस बटलर का बचाव किया। वे बोले- बटलर भले रन नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलेंगे।
सैंटनर ने कहा कि टीम ने कुछ अहम मौकों पर गलतियां कीं, जिसका खामियाजा अब अंकतालिका में भुगतना पड़ रहा है। उनका मानना है कि करीबी मुकाबलों में छोटी-छोटी चूक भी बड़े असर डालती है।
उन्होंने माना कि अब सिर्फ अपनी जीत काफी नहीं, बल्कि अन्य टीमों के परिणाम भी उनके पक्ष में जाने जरूरी हैं।
टी-20 जैसे छोटे प्रारूप में नेट रन रेट निर्णायक बन जाता है। न्यूजीलैंड की स्थिति ऐसी है कि उन्हें न सिर्फ अगला मैच बड़े अंतर से जीतना होगा, बल्कि प्रतिस्पर्धी टीमों की हार की भी उम्मीद करनी होगी। यह स्थिति टीम पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालती है।
टीम का आत्मविश्लेषण
सैंटनर ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
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पावरप्ले में विकेट गंवाना
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डेथ ओवर्स में अतिरिक्त रन देना
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फील्डिंग में छोटी गलतियां
इन पहलुओं को उन्होंने सुधार का प्रमुख क्षेत्र बताया।
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए अब हर मैच करो या मरो जैसा हो गया है। हालांकि सैंटनर ने भरोसा जताया कि टीम अंत तक लड़ाई जारी रखेगी। क्रिकेट में समीकरण तेजी से बदलते हैं, इसलिए उम्मीद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
सैंटनर का बयान यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में निरंतरता कितनी महत्वपूर्ण होती है। अब न्यूजीलैंड की किस्मत उनके अपने प्रदर्शन के साथ-साथ अन्य टीमों के नतीजों पर भी टिकी है। आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि वे अंतिम चार में जगह बना पाते हैं या नहीं।
















