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नई दिल्ली, दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। डी कॉक ने भारतीय दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी के एक बड़े रिकॉर्ड की बराबरी कर क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक क्रिकेट में उनकी निरंतरता और प्रभाव को भी दर्शाती है।

टी-20 वर्ल्ड कप में सोमवार को 3 मुकाबले में खेले गए। साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने टूर्नामेंट इतिहास में सबसे ज्यादा डिसमिसल करने के मामले में महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी कर ली। वहीं बल्लेबाजी में स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुन्से अपनी टीम के लिए टॉप स्कोरर बन गए।

टूर्नामेंट के पहले मैच में स्कॉटलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इटली को 73 रन से हरा दिया। दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने ओमान पर 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की। दिन के तीसरे मैच में साउथ अफ्रीका ने कनाडा को 57 रन से मात देकर अपने अभियान की शुरुआत की।

डी कॉक ने विकेटकीपर के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतने ही कैच/डिसमिसल पूरे कर लिए जितने कभी धोनी ने अपने करियर के दौरान किए थे। धोनी लंबे समय तक दुनिया के सबसे सफल विकेटकीपरों में गिने जाते रहे हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 300 से ज्यादा डिसमिसल दर्ज हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। ऐसे में डी कॉक का इस मुकाम तक पहुंचना उनकी फिटनेस, तकनीक और मैच रीडिंग क्षमता का प्रमाण है।

सिर्फ विकेटकीपिंग ही नहीं, बल्लेबाज़ी में भी डी कॉक का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने वनडे और टी-20 क्रिकेट में आक्रामक अंदाज में रन बनाते हुए कई बार टीम को मजबूत शुरुआत दी है। बतौर ओपनर उनका स्ट्राइक रेट 90 से ऊपर रहा है, जो आधुनिक सीमित ओवर क्रिकेट की मांग के अनुरूप है। धोनी जहां फिनिशर की भूमिका में माहिर थे, वहीं डी कॉक पावरप्ले में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग दौर में खेलते हुए भी दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीमों के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन दिए हैं। धोनी की कप्तानी और शांत स्वभाव उन्हें खास बनाता है, जबकि डी कॉक अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी और तेज़ विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते हैं।

डी कॉक की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह आधुनिक क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में शुमार हैं। धोनी की बराबरी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात है, और यह उनके करियर की अहम उपलब्धियों में से एक मानी जाएगी।