नई दिल्ली, आगामी आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के लिए स्कॉटलैंड ने अपनी आधिकारिक टीम की घोषणा कर दी है। एसोसिएट देशों में लगातार मजबूत प्रदर्शन करने वाली स्कॉटिश टीम इस बार भी बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ने के इरादे से उतर रही है। टीम चयन में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा मैच-विनर्स का संतुलन साफ दिखाई देता है, जो संकेत देता है कि स्कॉटलैंड सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि मुकाबला जीतने की मानसिकता के साथ आ रहा है।
टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह शामिल हुई स्कॉटलैंड की टीम ने सोमवार को अपने 15 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। टीम को इसी हफ्ते भारत के लिए रवाना होना है, लेकिन पाकिस्तानी मूल के तेज गेंदबाज सफयान शरीफ समेत कुछ खिलाड़ियों के वीजा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
क्रिकेट स्कॉटलैंड को ICC ने भरोसा दिलाया है कि वे भारतीय वीजा जल्द दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव के कारण अक्सर पाकिस्तानी मूल के नागरिकों को वीजा मिलने में देरी होती है। स्कॉटलैंड का पहला मैच 7 फरवरी को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होना है।
गेंदबाजी आक्रमण में स्कॉटलैंड ने तेज गेंदबाजों और स्पिन विकल्पों का अच्छा मिश्रण रखा है। नई गेंद से विकेट निकालना और बीच के ओवरों में रन गति पर नियंत्रण उनकी रणनीति का मुख्य हिस्सा रहेगा। एसोसिएट टीम होने के बावजूद स्कॉटलैंड ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी टीमों के खिलाफ कड़ी टक्कर देकर यह साबित किया है कि वे किसी भी दिन मैच का रुख पलट सकते हैं।
टीम मैनेजमेंट ने फील्डिंग और फिटनेस पर भी खास ध्यान दिया है, क्योंकि टी-20 फॉर्मेट में छोटी-छोटी गलतियां मैच का परिणाम बदल देती हैं। स्कॉटलैंड की फुर्तीली फील्डिंग और आक्रामक एटीट्यूड उन्हें बड़े मैचों में बढ़त दिला सकता है।
यह टूर्नामेंट स्कॉटलैंड के लिए सिर्फ एक और विश्व कप नहीं, बल्कि वैश्विक क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने का बड़ा अवसर है। यदि टीम अपने गेम प्लान पर टिके रहकर निडर क्रिकेट खेलती है, तो वह किसी भी दिग्गज टीम को चौंका सकती है।

















