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नई दिल्ली, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले बहुप्रतीक्षित महिला टेस्ट मुकाबले के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय महिला टेस्ट टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का संतुलन साफ तौर पर नजर आता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत लंबी पारी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहता है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इकलौते टेस्ट के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया गया है। शनिवार को जारी टीम में वर्ल्ड कप जीतने वाली स्टार बैटर प्रतीका रावल, बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को मौका दिया गया है।

इन तीनों को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है। यह मुकाबला 6 से 9 मार्च तक पर्थ में खेला जाएगा। टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर करेंगी। यह टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया दौरे के व्हाइट बॉल मुकाबलों के बाद खेला जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले 3 T20I और 3 वनडे मैच खेले जाएंगे, जिनकी शुरुआत 15 फरवरी से होगी।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच हमेशा से भारतीय महिला टीम के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम को महिला क्रिकेट में सबसे मजबूत माना जाता है। ऐसे में यह सीरीज भारतीय खिलाड़ियों के लिए न केवल कौशल दिखाने का मौका है, बल्कि खुद को विश्व स्तर पर साबित करने का भी बड़ा मंच है।

टीम मैनेजमेंट का फोकस फील्डिंग और फिटनेस पर भी साफ दिखाई देता है, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में पांच दिन तक निरंतर प्रदर्शन करना आसान नहीं होता। युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर भविष्य की टेस्ट योजनाओं की भी झलक मिलती है, जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट फॉर्मेट को भी गंभीरता से ले रहा है।

यह टेस्ट मुकाबला महिला क्रिकेट के लिहाज से भी अहम है, क्योंकि हाल के वर्षों में महिला टेस्ट मैचों की संख्या सीमित रही है। ऐसे में यह सीरीज खिलाड़ियों के अनुभव को बढ़ाने और दर्शकों के बीच टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भारतीय टीम से उम्मीद की जा रही है कि वह ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ निडर होकर खेलेगी और टेस्ट क्रिकेट में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक छवि को और मजबूत करेगी।