नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम को दूसरे टी-20 मुकाबले से पहले बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि ऑलराउंडर अक्षर पटेल का खेलना मुश्किल माना जा रहा है। पहले मैच के दौरान अक्षर को चोट लगने के बाद उनकी फिटनेस पर सवाल खड़े हो गए हैं। टीम मैनेजमेंट उनकी स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, लेकिन मौजूदा संकेत यही हैं कि उन्हें एहतियात के तौर पर आराम दिया जा सकता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी-20 मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 6:30 बजे होगा और मैच 7:00 बजे से शुरू होगा। टीम इंडिया पहले वनडे में जीत के साथ सीरीज में 1-0 से आगे है।
पहले मैच में चोटिल हुए स्पिन-ऑलराउंडर अक्षर पटेल का आज का मुकाबला खेलना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में भारतीय टीम की प्लेइंग-XI में बदलाव तय है। अगर टीम मैनेजमेंट पिच को ध्यान में रखता है, तो चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है। रायपुर की पिच पर गेंद पुरानी होने के साथ स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, अक्षर पटेल को यह चोट फील्डिंग के दौरान लगी थी, जिसके बाद उन्होंने कुछ समय तक असहजता भी महसूस की। हालांकि उन्होंने पहला मैच पूरा किया, लेकिन मैच के बाद मेडिकल टीम ने उनकी जांच की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोट ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन लगातार मैच खेलने से स्थिति बिगड़ने का खतरा है। ऐसे में टीम प्रबंधन कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा।
अक्षर पटेल का टीम इंडिया के लिए महत्व सिर्फ एक गेंदबाज के तौर पर नहीं, बल्कि लोअर ऑर्डर में उपयोगी बल्लेबाज और शानदार फील्डर के रूप में भी है। उनकी गैरमौजूदगी में टीम संयोजन पर असर पड़ सकता है। कप्तान और कोचिंग स्टाफ को अब यह सोचना होगा कि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका दिया जाए—क्या अतिरिक्त स्पिनर उतरेगा या फिर किसी ऑलराउंडर को शामिल किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए अक्षर की फिटनेस ज्यादा अहम है। दूसरा टी-20 भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन टीम प्रबंधन दीर्घकालिक सोच के साथ फैसला ले सकता है। यही वजह है कि उन्हें आराम देकर पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा सकता है।
फिलहाल अक्षर पटेल की उपलब्धता को लेकर अंतिम फैसला मैच से पहले फिटनेस टेस्ट के बाद लिया जाएगा। अगर वह बाहर होते हैं, तो यह युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका हो सकता है। वहीं, टीम इंडिया के लिए यह देखना अहम होगा कि संतुलन बनाए रखते हुए जीत की लय कैसे बरकरार रखी जाए।














