नई दिल्ली, अफगानिस्तान के युवा स्पिन गेंदबाज मुजीब उर रहमान ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहली हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। इस शानदार उपलब्धि के साथ ही मुजीब ने न सिर्फ अपने करियर का यादगार पल बनाया, बल्कि अफगान क्रिकेट की बढ़ती ताकत को भी दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया। उनकी यह हैट्रिक ऐसे समय आई, जब मैच पूरी तरह से रोमांचक मोड़ पर था और विपक्षी टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी।
अफगानिस्तान ने दुबई में खेले गए दूसरे टी-20 में वेस्टइंडीज को 39 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। स्पिनर मुजीब उर रहमान ने अपने टी-20 करियर की पहली हैट्रिक ली। जबकि सेदीकुल्लाह अटल और दरविश रसूली ने अर्धशतक लगाए।
वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 189 रन बनाए। वेस्टइंडीज की टीम 18.5 ओवर में 150 रन पर ऑलआउट हो गई। अफगान टीम ने पहला मैच 38 रन से जीता था। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज शाम दुबई में ही खेला जाएगा।
अटल -रसूली के बीच 115 रन की साझेदारी पहले बैटिंग करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही और 4.5 ओवर में टीम का स्कोर 37/2 था। इसके बाद सेदीकुल्लाह अटल और दरविश रसूली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला। अटल ने 42 गेंदों में 53 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। रसूली ने 39 गेंदों में 68 रन की पारी खेली, उन्होंने 5 चौके और 3 छक्के लगाए।
अंत में ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई ने 13 गेंदों में नाबाद 26 रन की तेज पारी खेली। उनकी पारी में एक चौका और दो छक्के रहे। वेस्टइंडीज की ओर से मैथ्यू फोर्डे ने 4 ओवर में 25 रन देकर 2 विकेट लिए। शमार जोसेफ और रेमन सिमंड्स को एक-एक विकेट मिला।
टी-20 जैसे फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाज आक्रामक रहते हैं, वहां स्पिनर का हैट्रिक लेना बेहद मुश्किल माना जाता है। मुजीब ने दबाव की स्थिति में यह कारनामा कर दिखाया, जिससे उनकी मानसिक मजबूती और मैच टेम्परामेंट की भी तारीफ हो रही है। कप्तान ने उन पर भरोसा जताते हुए अहम ओवर सौंपा और मुजीब ने उस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया।
इस हैट्रिक का असर सिर्फ स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रहा। इससे विपक्षी टीम की रन गति पर ब्रेक लगा और अफगानिस्तान को मैच में मजबूत पकड़ मिली। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन मुजीब के करियर में एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है और आने वाले समय में वह टी-20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक स्पिनरों में शामिल हो सकते हैं।
मुजीब की यह पहली टी-20 इंटरनेशनल हैट्रिक अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और दिखाएगी कि सीमित संसाधनों के बावजूद अफगान खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़े रिकॉर्ड बना सकते हैं।

















