नई दिल्ली, विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली है। इस जीत के साथ दिल्ली की टीम ने न सिर्फ अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि यह भी दिखा दिया कि वह खिताब की प्रबल दावेदारों में क्यों गिनी जा रही है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में दिल्ली का प्रदर्शन संतुलित और आत्मविश्वास से भरा रहा।
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में दिल्ली कैपिटल्स को दूसरी जीत मिल गई। टीम ने वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया। पहले बैटिंग करते हुए मुंबई ने 154 रन बनाए, दिल्ली ने 19 ओवर में टारगेट हासिल कर लिया।
खराब शुरुआत के बाद संभली MI टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी मुंबई ने 5वें ओवर तक 2 विकेट गंवा दिए। सजीवन सजना 9 और हैली मैथ्यूज 12 ही रन बनाकर आउट हो गईं। टीम पावरप्ले में 23 रन ही बना सकी, जो इस सीजन का सबसे छोटा स्कोर भी रहा।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने फिर नैट सिवर-ब्रंट के साथ पारी संभाल ली। दोनों ने फिफ्टी पार्टनरशिप की और 13 ओवर तक टीम का कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। 14वें ओवर में फिर हरमन 41 रन बनाकर आउट हुईं। उनके बाद निकोला कैरी 12 और अमनजोत कौर 3 रन बनाकर आउट हो गईं।

बल्लेबाजी में दिखा दम
दिल्ली की बल्लेबाजी इस मुकाबले में अनुशासित नजर आई। ओपनिंग जोड़ी ने टीम को ठोस शुरुआत दी, वहीं मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजों ने जरूरत के समय तेजी से रन बटोरे। खास बात यह रही कि विकेट गिरने के बावजूद बल्लेबाजों ने घबराहट नहीं दिखाई और साझेदारियां बनाकर पारी को संभाले रखा। यही संयम अंत में टीम की जीत का आधार बना।
गेंदबाजों ने कसा शिकंजा
दिल्ली की जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद अहम रहा। पावरप्ले में शुरुआती विकेट निकालकर गेंदबाजों ने मैच की दिशा तय कर दी। स्पिन गेंदबाजों ने मिडिल ओवर्स में रन गति पर ब्रेक लगाया, जबकि डेथ ओवर्स में तेज गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से विपक्षी टीम की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया।
फील्डिंग ने बढ़ाया दबाव
WPL जैसे छोटे फॉर्मेट में फील्डिंग का रोल निर्णायक होता है और दिल्ली ने इस मोर्चे पर भी खुद को साबित किया। शानदार कैच, चुस्त ग्राउंड फील्डिंग और सटीक थ्रो ने विपक्षी टीम पर अतिरिक्त दबाव बनाया। कई मौकों पर फील्डिंग की वजह से रन रुकते दिखे, जिसका सीधा फायदा गेंदबाजों को मिला।
इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और खिलाड़ी लय में नजर आ रहे हैं। अगर दिल्ली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है, तो WPL में उसकी राह काफी दूर तक जा सकती है।


















