नई दिल्ली, ऑस्ट्रेलियन ओपन में उस वक्त बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब युवा टेनिस खिलाड़ी तेरेजा वैलेंटोवा ने एक अनुभवी और ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ी को हराकर सबको चौंका दिया। इस जीत के साथ ही वैलेंटोवा ने न सिर्फ टूर्नामेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि टेनिस जगत में अपने नाम की चर्चा भी तेज कर दी है। मैच के दौरान उनका आत्मविश्वास, धैर्य और आक्रामक खेल साफ तौर पर नजर आया।
ऑस्ट्रेलिया की नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी माया जॉइंट को ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा है। वर्ल्ड रैंकिंग 31 की जॉइंट को चेक गणराज्य की 18 साल की खिलाड़ी तेरेजा वैलेंटोवा ने सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से हराया। वैलेंटोवा की वर्ल्ड रैंकिंग 54 है। वहीं, विमेंस सिंगल्स की डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज ने भी जीत के साथ शुरुआत की है।
इस हार के साथ जॉइंट न सिर्फ टूर्नामेंट से बाहर हो गईं, बल्कि दूसरे दौर में पहुंचने पर मिलने वाली 2.25 लाख डॉलर (करीब 1.8 करोड़ रुपए) की इनामी राशि से भी वंचित रह गईं। मंगलवार को मेलबर्न के जॉन केन एरिना में खेले गए मुकाबले में जॉइंट का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 19 साल की खिलाड़ी ने मैच में 8 डबल फॉल्ट किए, 5 बार उनकी सर्विस ब्रेक हुई और उन्हें कुल 17 ब्रेक पॉइंट का सामना करना पड़ा।
मैच जीतने के बाद वैलेंटोवा ने कहा- ‘यह मेरे लिए अविश्वसनीय है। साल की शुरुआत में मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। मैं ITF टूर्नामेंट खेल रही थी और अब ऑस्ट्रेलियन ओपन के मेन ड्रॉ में जीत दर्ज कर रही हूं।
इस उलटफेर को ऑस्ट्रेलियन ओपन के इस संस्करण के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में से एक माना जा रहा है। टेनिस विशेषज्ञों का मानना है कि वैलेंटोवा की यह जीत उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। ग्रैंड स्लैम जैसे बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला होता है और आगे के मुकाबलों में भी इसका सकारात्मक असर दिख सकता है।
इस जीत के बाद तेरेजा वैलेंटोवा पर दर्शकों और मीडिया की नजरें और ज्यादा टिक गई हैं। अब देखना होगा कि वह इस लय को अगले राउंड्स में कितनी दूर तक बनाए रख पाती हैं। लेकिन इतना तय है कि ऑस्ट्रेलियन ओपन में उनके इस उलटफेर ने टूर्नामेंट में रोमांच और उत्सुकता दोनों बढ़ा दी है।















