नई दिल्ली, टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल के इंदौर पहुंचते ही एक अलग ही वजह से चर्चा शुरू हो गई। आमतौर पर अपने शांत स्वभाव और शानदार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले गिल इस बार अपने साथ लाए गए करीब 3 लाख रुपये के हाई-एंड वाटर प्यूरीफायर को लेकर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि गिल अपनी फिटनेस, सेहत और दिनचर्या को लेकर बेहद सजग रहते हैं, और इसी वजह से वह किसी भी शहर में खेलने या ठहरने के दौरान पानी की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला खेलने के लिए टीम इंडिया इंदौर पहुंच चुकी है। कप्तान शुभमन गिल अपने साथ करीब तीन लाख रुपए की एक विशेष वॉटर प्यूरीफिकेशन मशीन लेकर इंदौर आए हैं।
हमारे सहयोगी अखबार के मुताबिक, होटल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह मशीन आरओ और पैक्ड बोतलबंद पानी को भी दोबारा पूरी तरह शुद्ध करने में सक्षम है। शुभमन गिल ने इस मशीन को अपने कमरे में ही रखवाया है। होटल स्टाफ को भी इसके इस्तेमाल और तकनीक से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि गिल ने यह कदम इंदौर में हाल ही में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया है या इसके पीछे कोई और वजह है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। फिलहाल दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीत लिया है और सीरीज 1-1 की बराबरी पर है।
इंदौर की परिस्थितियों के हिसाब से तैयारी
इंदौर में मौसम, पिच और वातावरण बाकी शहरों से अलग माने जाते हैं। ऐसे में गिल किसी भी तरह के जोखिम से बचना चाहते थे। सूत्रों के अनुसार, यह वाटर प्यूरीफायर मल्टी-स्टेज फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी से लैस है, जो अलग-अलग जल स्रोतों के पानी को भी सुरक्षित बना सकता है। टीम के सपोर्ट स्टाफ ने भी इस व्यवस्था में पूरा सहयोग किया, ताकि खिलाड़ी को मैदान पर 100 प्रतिशत प्रदर्शन का मौका मिल सके।
प्रोफेशनल सोच की मिसाल
गिल का यह कदम सिर्फ एक लग्जरी फैसला नहीं, बल्कि उनकी प्रोफेशनल अप्रोच को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा इतनी कड़ी है कि खिलाड़ी अब खान-पान, नींद और पानी जैसी बुनियादी चीजों पर भी खास रणनीति बनाते हैं। यही कारण है कि गिल जैसे खिलाड़ी निरंतर प्रदर्शन में स्थिरता बनाए रखते हैं।
फैंस और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस के बीच बहस छिड़ गई। कुछ ने इसे फिटनेस के प्रति जागरूकता का उदाहरण बताया, तो कुछ ने इसे स्टारडम से जोड़ा। हालांकि, खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम युवा खिलाड़ियों के लिए एक संदेश है कि करियर की लंबी रेस में छोटी सावधानियां भी बड़ा फर्क ला सकती हैं।


















