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नई दिल्ली, बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान से जुड़े विवाद के बाद खेल और कॉर्पोरेट जगत में बड़ा असर देखने को मिला है। प्रमुख स्पोर्ट्स ब्रांड SG ने तीन बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ियों की स्पॉन्सरशिप को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है। इस फैसले ने न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सर्कल में भी चर्चाओं को तेज कर दिया है।

ICC से टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग पर आड़े बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की परेशानी बढ़ती जा रही है। BCCI से विवाद के बीच भारत की स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरर कंपनी सैंसपेरिल्स ग्रीनलैंड्स (SG) ने कप्तान लिटन दास और मोमिनुल हक जैसे कई प्लेयर्स की स्पॉन्सरशिप होल्ड कर दी है।

कंपनी के एक अधिकारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमने कुछ स्पॉन्सरशिप होल्ड की है। भारतीय टीम बांग्लादेश से काफी समय से क्रिकेट नहीं खेल रही है। ऐसे में वहां के प्लेयर्स को स्पॉन्सर करने का कोई तुक नहीं बैठता है।

सूत्रों के अनुसार, यह कदम हालिया विवाद और उससे जुड़े घटनाक्रम की समीक्षा के तहत उठाया गया है। SG का मानना है कि किसी भी तरह की नकारात्मक छवि या अनिश्चित स्थिति में ब्रांड को अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरे मामले की स्पष्टता जरूरी है। इसी वजह से कंपनी ने स्पॉन्सरशिप को स्थायी रूप से रद्द करने के बजाय अस्थायी रूप से होल्ड पर रखा है।

मुस्तफिजुर विवाद के चलते सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे खिलाड़ियों के लिए सख्त संदेश बता रहे हैं, तो वहीं कई विशेषज्ञों का मानना है कि स्पॉन्सरशिप जैसे मामलों में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद ही फैसला होना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखा दिया है कि आधुनिक क्रिकेट में मैदान के बाहर की गतिविधियां भी खिलाड़ियों के करियर और ब्रांड वैल्यू पर सीधा असर डालती हैं।

बांग्लादेशी खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि स्पॉन्सरशिप न सिर्फ आर्थिक सहयोग देती है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और स्थिरता भी प्रदान करती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच और बातचीत के बाद SG क्या अंतिम फैसला लेता है और क्या इन खिलाड़ियों की स्पॉन्सरशिप बहाल होती है या नहीं।