नई दिल्ली, भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जा रहे अहम मुकाबले में मेजबान टीम साउथ अफ्रीका ने भारत को जीत के लिए 246 रन का लक्ष्य दिया है। टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम ने निर्धारित ओवरों में संघर्षपूर्ण लेकिन संतुलित प्रदर्शन किया और बोर्ड पर चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में दबाव बनाकर रन गति को नियंत्रित किया, जिससे अफ्रीकी टीम बड़ा स्कोर बनाने से चूक गई।
साउथ अफ्रीका की अंडर-19 टीम ने दूसरे यूथ वनडे में भारत को जीत के लिए 246 रन का टारगेट दिया। बेनोनी के विलोमूर पार्क स्टेडियम में अफ्रीकी टीम टॉस जीतकर बैटिंग करते हुए 49.3 ओवर में 245 रन पर ऑलआउट हो गई।
जानसन रोवल्स ने 113 बॉल पर 114 रनों की पारी खेली। इस पारी में 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इंडियन टीम की ओर से किशन सिंह ने 3 विकेट झटके। आरएस अम्ब्रिश को 2 विकेट मिले। कनिष्क चौहान और खिलन पटेल ने एक-एक विकेट लिया।
अफ्रीकी ओपनर्स पावरप्ले में पवेलियन लौटे टॉस जीतकर बैटिंग करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। टीम ने पावरप्ले के अंदर ओपनर्स के विकेट गंवा दिए थे। किशन सिंह ने अदनान लागदीन (25 रन), जोरिच वान शाल्कवाइक (10 रन) और कप्तान मोहम्मद बुलबुलिया (14 रन) को पवेलियन की राह दिखाई।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अनुशासन और विविधता देखने को मिली। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती और अंतिम ओवरों में असरदार प्रदर्शन किया, वहीं स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन रोककर बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। फील्डिंग में भी भारत ने चुस्ती दिखाई, जिससे साउथ अफ्रीका को आसान रन नहीं मिले।
अब 246 रन के लक्ष्य का पीछा करना भारतीय बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं होगा, लेकिन टीम के पास अनुभव और गहराई दोनों मौजूद हैं। पिच की प्रकृति और मैच की स्थिति को देखते हुए शुरुआती ओवरों में संयम और मध्यक्रम में साझेदारियां बेहद अहम होंगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अच्छी शुरुआत करता है तो मुकाबला आखिरी ओवरों तक जा सकता है।
कुल मिलाकर, साउथ अफ्रीका द्वारा दिया गया 246 रन का लक्ष्य मुकाबले को रोमांचक बना चुका है और दर्शकों को एक कड़े संघर्ष की उम्मीद है।
















