नई दिल्ली, विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबले में केरल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अहम जीत दर्ज की, जिसमें कप्तान संजू सैमसन का शतक निर्णायक साबित हुआ। घरेलू क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सैमसन ने जिम्मेदारी भरी और आक्रामक पारी खेलते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी इस शतकीय पारी
विजय हजारे ट्रॉफी में केरल ने संजू सैमसन के शतक की बदौलत झारखंड को 8 विकेट से हरा दिया। संजू ने 95 गेंदों में 101 रन की पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने कप्तान रोहन कुन्नुमल के साथ पहले विकेट के लिए 212 रन की साझेदारी की। रोहन ने 78 गेंदों पर 124 रन बनाए।
दूसरी ओर, दिल्ली ने कप्तान ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या की फिफ्टी की मदद से सर्विसेज को 8 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपनी चौथी जीत दर्ज की। जयपुर में अर्शदीप सिंह ने 5 विकेट लेकर पंजाब को 10 विकेट से जीत दिलाई।
राजकोट में बड़ौदा के लिए हार्दिक पंड्या ने शतक लगाते हुए विदर्भ के सामने 294 रन का लक्ष्य रखा, जवाब में विदर्भ ने एक विकेट खोकर 41.4 ओवर में जीत हासिल कर ली। वहीं अहमदाबाद में कर्नाटक के देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म जारी रहा और उन्होंने पांच मैचों में अपना चौथा शतक जड़ा।
आज के शतक
- बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने असम के खिलाफ 102 रन बनाए।
- बड़ौदा के हार्दिक पंड्या ने विदर्भ के खिलाफ 133 रन की पारी खेली।
- आंध्र प्रदेश के खिलाफ गुजरात के अक्षर पटेल ने 130 रन बना।
- हैदराबाद के तिलक वर्मा ने चंडीगढ़ के खिलाफ 109 रन बनाए।
- देवदत्त पडिक्कल ने कर्नाटक के लिए खेलते हुए त्रिपुरा के खिलाफ (108) शतक लगाया।
- संजू सैमसन ने झारखंड के खिलाफ 95 बॉल पर 101 रन बनाए।
- रोहन कुन्नूमल ने केरल के लिए खेलते हुए 78 बॉल पर 124 रन की पारी खेली।
संजू सैमसन का यह शतक सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि टीम की जरूरत के मुताबिक आया प्रदर्शन था। उनकी पारी ने मिडिल ऑर्डर को स्थिरता दी और निचले क्रम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला। निर्धारित ओवरों में केरल ने एक प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया, जिसने गेंदबाजों के लिए मजबूत आधार तैयार किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरोधी टीम पर शुरुआत से ही दबाव नजर आया। केरल के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए लगातार विकेट झटके। फील्डिंग में भी टीम ने चुस्ती दिखाई, जिससे विपक्षी बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने से कतराते दिखे। अंततः केरल ने मुकाबला अपने नाम कर लिया और टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
इस जीत के साथ ही संजू सैमसन की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की जमकर तारीफ हो रही है। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे दबाव में टीम को संभालने की पूरी क्षमता रखते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में केरल की यह जीत आने वाले मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित होगी।

















