नई दिल्ली, वर्ल्डकप टीम से बाहर किए जाने के बाद शुभमन गिल एक बार फिर घरेलू क्रिकेट के जरिए खुद को साबित करने के लिए मैदान पर उतरने जा रहे हैं। गिल अब प्रतिष्ठित विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगे, जहां उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों की खास नजर रहेगी। यह टूर्नामेंट गिल के लिए न सिर्फ फॉर्म में लौटने का मौका है, बल्कि टीम इंडिया में वापसी का मजबूत रास्ता भी बन सकता है।
भारत के वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल विजय हजारे ट्रॉफी खेलेंगे। सोमवार को पंजाब ने टूर्नामेंट के लिए अपनी 18 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, जिसमें गिल के साथ अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
पंजाब अपने अभियान की शुरुआत 24 दिसंबर को महाराष्ट्र के खिलाफ करेगा। हालांकि, गिल, अभिषेक और अर्शदीप कितने मैच खेल पाएंगे, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है, क्योंकि भारत को 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज खेलनी है।
गिल का चयन इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें हाल ही में भारत की आगामी टी-20 वर्ल्ड कप टीम और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से बाहर कर दिया गया था। ऐसे में विजय हजारे ट्रॉफी गिल के लिए खुद को दोबारा साबित करने, फॉर्म में लौटने और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी क्लास दिखाने का बड़ा मौका होगी।
गिल की तकनीक और क्लास को लेकर कोई सवाल नहीं है। वनडे फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड मजबूत रहा है और विजय हजारे ट्रॉफी भी 50 ओवर का ही टूर्नामेंट है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस मंच का भरपूर फायदा उठाकर बड़े स्कोर बना सकते हैं। यह टूर्नामेंट उन्हें निरंतर मैच खेलने और लय हासिल करने का भी अवसर देगा।
टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता लंबे समय से यह साफ कर चुके हैं कि घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। ऐसे में गिल के लिए यह टूर्नामेंट बेहद अहम है। यदि वह लगातार रन बनाते हैं और जिम्मेदारी के साथ टीम का नेतृत्व करते नजर आते हैं, तो आने वाले समय में उनकी टीम इंडिया में वापसी तय मानी जा सकती है।
क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वर्ल्डकप से बाहर होना गिल के करियर का अंत नहीं, बल्कि एक नया मोड़ हो सकता है। कई बड़े खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बाद और भी मजबूत होकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर लौटे हैं। शुभमन गिल के पास भी यही मौका है कि वह विजय हजारे ट्रॉफी को अपने लिए टर्निंग पॉइंट बनाएं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि शुभमन गिल इस टूर्नामेंट में किस तरह का प्रदर्शन करते हैं और क्या वह अपने बल्ले से चयनकर्ताओं को दोबारा सोचने पर मजबूर कर पाते हैं।















