नई दिल्ली, एशेज टेस्ट मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी और रणनीतिक बढ़त के दम पर इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 434 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया है। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण को लगातार दबाव में रखा। लंबी साझेदारियों और समयानुकूल बड़े शॉट्स ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड ओवल में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे एशेज टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया जीत के बेहद करीब पहुंच गया है। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 207 रन बना लिए हैं। इंग्लैंड को जीत के लिए अब भी 228 रन चाहिए, जबकि ऑस्ट्रेलिया को सीरीज अपने नाम करने के लिए सिर्फ 4 विकेट लेने हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 349 रन बनाकर इंग्लैंड को 434 रन का मुश्किल लक्ष्य दिया। टीम ने चौथे दिन 4 विकेट पर 271 रन से आगे खेलना शुरू किया था और 311 रन के स्कोर पर उसका पांचवां विकेट गिरा। ट्रेविस हेड ने 142 रन से आगे खेलते हुए शानदार 170 रन की पारी खेली। उनके आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई और टीम ने अपने आखिरी 6 विकेट सिर्फ 38 रन के भीतर गंवा दिए। विकेटकीपर एलेक्स कैरी 329 रन के कुल स्कोर पर आउट हुए। कैरी ने 128 गेंदों में 72 रन की अहम पारी खेली।
इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए, जबकि ब्रायडन कार्स को 3 सफलता मिली।
इस पारी में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया, जिससे टीम एक विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालने की कोशिश की, लेकिन रन गति पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा सके। खासकर चौथे दिन के खेल में ऑस्ट्रेलिया ने तेजी से रन बटोरते हुए इंग्लैंड पर मानसिक दबाव बना दिया।
434 रन का लक्ष्य एशेज इतिहास में भी बेहद कठिन माना जाता है, खासकर तब जब पिच पर समय के साथ बल्लेबाजी मुश्किल होती जा रही हो। इंग्लैंड के सामने अब न सिर्फ तकनीकी बल्कि मानसिक परीक्षा भी होगी। टीम को इस लक्ष्य का पीछा करने के लिए मजबूत शुरुआत, लंबी पारियां और विकेटों की सुरक्षा पर खास ध्यान देना होगा।
दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह आत्मविश्वास से भरा नजर आ रहा है। तेज गेंदबाजों के साथ स्पिनरों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। मैच का अंतिम चरण बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां इंग्लैंड का संघर्ष और ऑस्ट्रेलिया की जीत की कोशिशें एशेज सीरीज को एक और यादगार मुकाबला दे सकती हैं।
















