नई दिल्ली, अंडर-19 एशिया कप में भारतीय युवा बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कुंडू ने टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में नाबाद दोहरा शतक जड़ते हुए न केवल अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि अंडर-19 एशिया कप के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया। उनकी इस पारी को युवा भारतीय क्रिकेट की बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने मलेशिया के खिलाफ खेले जा रहे अंडर-19 एशिया कप के मुकाबले में नाबाद दोहरा शतक लगा दिया है। भारत और मलेशिया के बीच यह मुकाबला दुबई के द सेवेंस स्टेडियम में खेला जा रहा है। मलेशिया ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
भारत के लिए 5वें नंबर पर बैटिंग करने उतरे विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने तीन विकेट गिरने के बाद वेदांत त्रिवेदी के साथ 209 रन की साझेदारी की। कुंडू ने 125 बॉल पर 209 रन की नाबाद पारी खेली। इसमें 16 चौके और 9 छक्के शामिल रहे।
वेदांत-वैभव के अर्धशतक कुंडू की पारी की मदद से भारतीय अंडर-19 टीम ने 7 विकेट पर 408 रन बनाए। उनके अलावा वेदांत त्रिवेदी ने 106 बॉल पर 90 और वैभव सूर्यवंशी ने 26 बॉल पर 50 रन की पारी खेली। मलेशिया के लिए मुहम्मद अकरम ने 89 रन देकर 5 विकेट लिए।
यूथ वनडे में नहीं गिना जाएगा रिकॉर्ड कुंडू के रन और शतक यूथ वनडे मैच के रिकॉर्ड में नहीं जुड़ेंगे। मलेशिया ICC के फुल मेंबर में शामिल नहीं है और इसी वजह से इस मैच को अंडर-19 इंटरनेशनल मैच का दर्जा प्राप्त नहीं है। मलेशिया के खिलाफ ही पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने 177 रन बनाए थे। वह रन भी यूथ वनडे के रिकॉर्ड में नहीं गिना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत भारतीय अंडर-19 टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिससे मैच पर भारत की पकड़ मजबूत हो गई। कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं ने भी कुंडू की मानसिक मजबूती और मैच टेम्परामेंट की जमकर तारीफ की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पारी आने वाले वर्षों में अभिज्ञान कुंडू के करियर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है।
अंडर-19 एशिया कप जैसे बड़े मंच पर नाबाद दोहरा शतक जड़ना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि है। इस प्रदर्शन के साथ अभिज्ञान कुंडू ने यह संकेत दे दिया है कि वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए एक मजबूत दावेदार बन सकते हैं। उनकी इस पारी ने न केवल टीम इंडिया के फैंस को उत्साहित किया है, बल्कि युवा क्रिकेटरों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।















