image resize color correction and ai 2025 12 09t08 1765248469
image resize color correction and ai 2025 12 09t08 1765248469

नई दिल्ली, भारत के युवा ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद ने FIDE सर्किट 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की है। यह जीत न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय शतरंज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान करने वाली घटना भी मानी जा रही है।

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने FIDE सर्किट 2025 जीतकर कैंडिडेट्स 2026 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वे अगले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भारत के अकेले पुरुष खिलाड़ी होंगे। साल भर कई बड़े टूर्नामेंटों में उनके शानदार खेल ने उन्हें यह मौका दिलाया।

चेन्नई के 19 साल के इस ग्रैंडमास्टर ने 2025 में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने वाइक आन जे मास्टर्स, सुपरबेट चेस क्लासिक रोमानिया, उजचेस कप मास्टर्स और लंदन चेस क्लासिक ओपन जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते। इसके अलावा स्टेपन अवाग्यान मेमोरियल में दूसरा स्थान मिला और सिंकफील्ड कप में टॉप-15 में रहे। हाल ही में हुए FIDE वर्ल्ड कप में वे चौथे दौर तक पहुंचे थे।

विमेंस में तीन भारतीय खिलाड़ी दिव्या देशमुख, कोनेरू हम्पी और आर. वैशाली पहले ही महिला कैंडिडेट्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं।

कैंडिडेट्स 2026 के लिए 7 खिलाड़ी फाइनल कैंडिडेट्स 2026 के आठ खिलाड़ियों में से अभी तक सात की पुष्टि हो चुकी है। अनीश गिरी, फेबियानो कारुआना, मैथियास ब्लूबाउम, जवोखिर सिंदारोव, वेई यी, आंद्रेई एसीपेंको और प्रज्ञानानंद शामिल है। जबकि अंतिम आठवां स्लॉट उस खिलाड़ी को मिलेगा, जिसकी अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक की 6 महीने की औसत स्टैंडर्ड रेटिंग सबसे अधिक हो।

इसके लिए खिलाड़ी को 1 फरवरी 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच कम से कम 40 स्टैंडर्ड गेम खेलने अनिवार्य हैं, जिनमें 6 महीने में कम से कम 15 गेम शामिल हों।

टूर्नामेंट कब और कहां होगा कैंडिडेट्स 2026 28 मार्च से 16 अप्रैल 2026 के बीच पेजिया, साइप्रस के कैप सेंट जॉर्जिस होटल एंड रिसॉर्ट में खेला जाएगा।

डी गुकेश ने सबसे कम उम्र में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता है डी गुकेश ने साल 2024 में 17 साल की उम्र में टोरंटो में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट जीत कर सबसे कम उम्र में यह टूर्नामेंट जीतने वाले खिलाड़ी बने थे। उनसे पहले 1984 में रूसी खिलाड़ी गैरी कास्परोव ने सबसे कम उम्र 22 साल में यह टूर्नामेंट जीता था।

प्रज्ञानानंद की FIDE सर्किट 2025 में जीत भारतीय शतरंज के लिए गर्व का विषय है। यह न केवल खेल कौशल का प्रदर्शन है, बल्कि भारत के लिए वैश्विक शतरंज मानचित्र पर मजबूत पहचान बनाने का भी संकेत है।