नई दिल्ली, भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्टिंग राइवल्री मानी जाती है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आपसी सीरीज लंबे समय से बंद है, लेकिन जब भी दोनों देशों के खिलाड़ी किसी साझा टीम का हिस्सा बने हैं—चाहे वह विश्व XI हो, फ्रेंचाइज़ी लीग हो या किसी विशेष चैरिटी मैच का मंच—दुनिया ने क्रिकेट की एक बिल्कुल अलग तस्वीर देखी है।
यह ऐसे दुर्लभ अवसर रहे हैं जहां प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साथी खिलाड़ी के रूप में भारतीय और पाकिस्तानी क्रिकेटर्स ने एक-दूसरे को सहयोग दिया और मिलकर जीत का रास्ता तैयार किया।
पिछले एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट को भारत की जीत के साथ-साथ इस बात के लिए भी याद रखा जाएगा कि इसमें भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने आपस में हाथ तक नहीं मिलाया। पहलगाम आतंकी हमला और और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। दुबई में इनके बीच तीन मैच हुए थे और तीनों ही बार कड़वाहट की अलग-अलग कहानियां सामने आई थीं।
अब उसी दुबई में 2 दिसंबर से एक और क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू हुआ है। इसमें दुनियाभर के सितारों के साथ भारत और पाकिस्तान मूल के क्रिकेटर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। ये न सिर्फ हाथ मिला रहे हैं बल्कि साथ ही एक ही टीम का हिस्सा भी हैं। मामला UAE की लीग ILT20 का है। टूर्नामेंट के सभी मैच जी एंटरटेनमेंट पर लाइव होते हैं।
अडाणी ग्रुप की टीम गल्फ जायंट्स में भारतवंशी मीत भावसार और पाकिस्तान के आसिफ खान भी शामिल हैं। मीत कुवैत में पैदा हुए लेकिन उनकी नागरिकता भारत की ही है। इसी तरह UAE के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले आसिफ पाकिस्तानी नागरिक हैं।

















