नई दिल्ली, आजलान शाह कप 2025 का फाइनल भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए उतार-चढ़ाव भरा मुकाबला साबित हुआ। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची टीम इंडिया खिताबी जंग में मामूली अंतर से हार गई। मैच में भारतीय टीम ने दमदार आक्रमण, तेज पासिंग और बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में विपक्ष ने बेहतर रणनीति दिखाई।
पहले क्वार्टर में भारत ने बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी गोलकीपर की मजबूत पकड़ ने कई प्रयासों को रोक दिया। दूसरे क्वार्टर में भारत ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए बढ़त ली, जिससे स्टेडियम में भारतीय दर्शकों के बीच उत्साह चरम पर पहुंच गया। तीसरे क्वार्टर में विपक्षी टीम ने तेज काउंटर अटैक से बराबरी कर ली।
निर्णायक चौथे क्वार्टर में दोनों ओर से आक्रामक खेल देखने को मिला, लेकिन भारत को गोल करने के दो सुनहरे मौके गंवाने पड़े। आखिरी मिनटों में विपक्ष ने गोल दागकर बढ़त बनाई, जिससे भारत की वापसी की राह मुश्किल हो गई। मैच के अंत में भारतीय खिलाड़ी निराश जरूर दिखे, लेकिन उनके संघर्ष और खेल भावना ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस हार के बावजूद भारत का आजलान शाह कप अभियान बेहद प्रेरणादायक रहा—युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, सीनियर खिलाड़ियों का नेतृत्व और टीम का संतुलित प्रदर्शन भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है। आने वाले टूर्नामेंटों में यह अनुभव भारत को और मजबूत बनाएगा।
पहले हाफ में भारत की मजबूत डिफेंसिंग भारत और बेल्जियम के बीच फाइनल मुकाबला तेज रफ्तार और कड़ा रहा। शुरुआत से ही बेल्जियम ने ज्यादा बॉल पजेशन हासिल किया और दोनों फ्लैंक्स से लगातार हमले किए। इसके बावजूद भारतीय गोलकीपर ने कई मौकों पर शानदार बचाव किए।
बेल्जियम को शुरुआती मिनटों में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने दोनों मौकों को नाकाम किया। हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और स्कोर 0-0 रहा।
दूसरे हाफ में बेल्जियम का दबदबा दूसरे हाफ में बेल्जियम ने बेहतर लय पकड़ी और भारतीय सर्कल में दबाव बढ़ाना शुरू किया। भारत ने कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भी बेल्जियम की डिफेंस लाइन को पार नहीं कर सके।

















