नई दिल्ली, पर्थ टेस्ट की पिच को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने ‘वेरी गुड’ रेटिंग देकर मान्यता दी है कि यह विकेट आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के लिए एक आदर्श मानक प्रस्तुत करता है। यह रेटिंग उन गिनी-चुनी पिचों में शामिल होती है, जिन्हें न सिर्फ खेलभावना बल्कि संतुलन, प्रतिस्पर्धा और कंटेस्ट के आधार पर बेहतरीन माना जाता है।
पर्थ की पिच शुरुआत से ही अपनी उछाल, गति और तेज़ गेंदबाज़ों को मदद देने वाले स्वभाव के लिए मशहूर रही है। हाल ही में खेले गए टेस्ट में भी यह विकेट गेंदबाज और बल्लेबाज—दोनों के लिए मौके लेकर आया। पहले सत्र में गेंदबाज़ों को जबर्दस्त स्विंग और बाउंस मिला, जिसने टेस्ट के शुरुआती ओवरों को रोमांचक बना दिया। वहीं जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, बल्लेबाज़ों को शॉट खेलने के लिए भरोसेमंद उछाल मिला, जिससे रन बनाने के अवसर बढ़े।
ICC की रेटिंग का मतलब है कि पिच ने खेल के तीनों पहलुओं—गेंदबाजी, बल्लेबाजी और परिस्थिति आधारित चुनौती—का संतुलन बिल्कुल सही रखा। मैच न सिर्फ रोमांचक रहा बल्कि नतीजा भी क्रिकेट के लिहाज से शानदार था। पिच पर किसी भी तरह का अतिरिक्त टूट-फूट या असमान उछाल नहीं देखा गया, जिससे खेल के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा भी प्रभावित नहीं हुई।
पर्थ की पिच को रेटिंग मिलना यह भी दर्शाता है कि टेस्ट क्रिकेट अब भी उन स्थानों पर अपने पारंपरिक रूप में चमक रहा है जहाँ पिचें चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ निष्पक्ष भी हैं। यह भविष्य में अन्य ग्राउंड्स के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी कि कैसे वे कंटेस्ट को बनाए रखते हुए बल्ले और गेंद के बीच अच्छा संतुलन तैयार करें।
यह रेटिंग ऑस्ट्रेलियाई ग्राउंड्स की प्रतिष्ठा को भी और मजबूत बनाती है, जो पहले ही अपनी गुणवत्ता, गति और प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं।
तेज गेंदबाजों का दबदबा पूरे मैच में दिखा
इस मैच में पहले दिन से ही तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा। पहले ही दिन कुल 19 विकेट गिरे थे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल ने इंग्लैंड की पहली पारी में 58 रन देकर 7 विकेट झटके। डेब्यू कर रहे ब्रेंडन डॉगेट को 2 विकेट मिले, जबकि स्कॉट बोलैंड को 1 विकेट मिला।इंग्लैंड की ओर से बेन स्टोक्स ने 5 विकेट लिए। उनके अलावा ब्रायडन कार्स और जोफ्रा आर्चर को दो-दो विकेट हासिल हुए।
पहले दिन इंग्लैंड चाय तक 160/5 पर था, लेकिन सेशन समाप्त होने से पहले ही टीम 172 रन पर ढह गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पारी भी लड़खड़ा गई और दिन के अंत तक उनका स्कोर 123/9 था।














