नई दिल्ली, भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने प्रोफेशनल टेनिस से संन्यास लेकर एक सुनहरे युग का अंत कर दिया है। लगभग दो दशकों तक अंतरराष्ट्रीय टेनिस कोर्ट पर भारत का परचम लहराने वाले बोपन्ना ने न केवल अपने खेल से बल्कि अपने अनुशासन और समर्पण से भी भारतीय खेल जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है।
करियर की शुरुआत और सफर
कर्नाटक के कोडागु जिले में जन्मे रोहन बोपन्ना ने बचपन से ही टेनिस को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था। उन्होंने 2002 में पेशेवर टेनिस करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई। शुरुआती वर्षों में उन्हें एकल मुकाबलों में ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन युगल (डबल्स) वर्ग में उन्होंने खुद को साबित किया और विश्वस्तर पर भारत का नाम रोशन किया।
भारत के दिग्गज टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने प्रोफेशनल टेनिस से रिटायरमेंट ले लिया है। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक से बाहर होने के बाद एमेच्योर टेनिस से संन्यास लिया था। प्रोफेशनल करियर में खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। जबकि एमेच्योर करियर में वह अपने देश को रिप्रिजेंट करता है।
45 साल के राइट हैंड टेनिस स्टार बोपन्ना ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया ओपन का डबल्स टाइटल जीता था। उन्होंने 20 साल के प्रोफेशनल करियर में 2 ग्रैंड स्लैम जीते हैं। बोपन्ना का आखिरी मैच पेरिस मास्टर्स 1000 में हुआ, जहां उन्होंने एलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई थी। बोपन्ना ने 2003 में प्रोफेशनल टेनिस खेलना शुरू किया था।
बोपन्ना ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी इस साल की शुरुआत में बोपन्ना 43 साल और नौ महीने की उम्र में अपने साथी मैथ्यू एब्डेन के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन की जीत के बाद टेनिस के ओपन एरा में ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2024 की जीत बोपन्ना का दूसरा ग्रैंड स्लैम टाइटल था। उन्होंने 2017 में फ्रेंच ओपन में मिक्स्ड डबल्स जीता था। बोपन्ना और एबडेन ने पिछले महीने फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में भी जगह बनाई थी।
















