भारत में आयोजित होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्डकप 2025 से पाकिस्तान ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया, जिससे खेल जगत में हलचल मच गई है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) ने इस फैसले के पीछे वीजा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को प्रमुख कारण बताया है। हालांकि, खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राजनीतिक दबाव और आंतरिक प्रशासनिक अस्थिरता का परिणाम है।
पाकिस्तान की टीम भारत में 28 नवंबर से होने जा रहे जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से हट गया है। इंटरनेशनल हॉकी महासंघ (FIH) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। FIH ने एक बयान में कहा- ‘पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि उसकी टीम इस टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगी। पाकिस्तान की जगह कौन सी टीम खेलेगी, इसका ऐलान जल्द किया जाएगा।’
जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन चेन्नई और मदुरै में खेला जाएगा। पाकिस्तान को पूल बी में भारत, चिली और स्विट्जरलैंड के साथ रखा गया था। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है।
हॉकी एशिया कप से भी हट गया था पाकिस्तान पाकिस्तान ने पिछले महीने बिहार के राजगीर स्टेडियम में आयोजित हॉकी एशिया कप से भी नाम वापस ले लिया था। ओमान भी हट गया था। उनकी जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान को टूर्नामेंट में जगह दी गई थी।
टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से इनकार किया भारतीय टीम ने 28 सितंबर को एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। जीत के बाद टीम ने नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। भारत ने यह स्टैंड पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में लिया था। नकवी ACC चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ भी हैं। साथ ही वे पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।
अब FIH इस रिक्त स्थान को भरने के लिए किसी अन्य टीम को शामिल करने पर विचार कर रहा है। जापान या फ्रांस को इसके लिए आमंत्रित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यह पहली बार नहीं है जब भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों में विवाद पैदा हुआ हो। इससे पहले भी क्रिकेट, कबड्डी और कुश्ती जैसे खेलों में राजनैतिक तनाव के कारण कई बार टीमें एक-दूसरे के देशों में नहीं गईं।
खेल प्रेमियों का कहना है कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, ताकि खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना पर असर न पड़े।
















