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इस्लामाबाद , अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक में तीन अफगान क्लब क्रिकेटरों की मौत हो गई है। यह हमला अफगानिस्तान के कोंडूज़ प्रांत के पास हुआ, जहां ये खिलाड़ी अभ्यास सत्र के बाद लौट रहे थे। इस दुखद घटना ने पूरे खेल जगत को गहरे शोक में डाल दिया है।

पाकिस्तान के हमले में अफगानिस्तान के 3 क्लब क्रिकेटर्स की मौत हो गई है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इसकी पुष्टि की है। हमले में 14 अफगानी भी मारे गए हैं जबकि 16 घायल हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे का सीजफायर शुक्रवार शाम 6 बजे खत्म हुआ था। इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई थी। लेकिन कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने पक्तिका प्रांत में एयर स्ट्राइक की।

अफगान मीडिया टोलो न्यूज के मुताबिक, इन हमलों में उर्गुन और बर्मल जिलों के कई घरों को निशाना बनाया गया। ये इलाका दोनों देशों की बॉर्डर डूरंड लाइन के पास है।

इस घटना के जवाब में, ACB ने नवंबर में पाकिस्तान में होने वाली ट्राई टी-20 सीरीज से हटने का ऐलान किया है। ACB ने कहा कि यह कदम मारे गए क्रिकेटरों के सम्मान में उठाया गया है। टूर्नामेंट में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेने वाली थीं।

क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहे खिलाड़ियों पर हमला हुआ

ACB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर बताया कि यह हमला पक्तिका प्रांत की राजधानी शराना में एक फ्रेंडली क्रिकेट मैच खेलकर लौट रहे खिलाड़ियों कबीर, सिब्घतुल्लाह और हारून पर हुआ। ACB ने हमले के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।

हमले वाले दिन कबीर अपने गांव के टूर्नामेंट में मैन ऑफ द मैच चुने गए थे। उनकी ट्रॉफी के साथ एक तस्वीर वायरल हो रही है।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में होने वाली टी-20 सीरीज नाम वापस लिया

हमले के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने नवंबर में पाकिस्तान में होने वाली ट्राई टी-20 सीरीज से नाम वापस ले लिया। टीम को 17 और 23 नवंबर को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले खेलने थे। यह पहली बार होता जब अफगानिस्तान, पाकिस्तान की सरजमीं पर उसके खिलाफ खेलता।

तीनों अफगान क्रिकेटरों की यह दर्दनाक मौत खेल के उस मूल संदेश को झकझोरती है, जो सीमाओं से परे शांति और भाईचारे की बात करता है। खेल के ये युवा सिपाही शायद अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका सपना और जज्बा अफगान क्रिकेट के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा।