नई दिल्ली, वेस्टइंडीज क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर बर्नार्ड जूलियन का हाल ही में निधन हो गया। उनका जाना क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक दुखद समाचार है, क्योंकि जूलियन ने अपने करियर में वेस्टइंडीज टीम के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया और कई महत्वपूर्ण मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर बर्नार्ड जूलियन का शनिवार (5 अक्टूबर) को 75 साल की आयु में नॉर्थ त्रिनिदाद के वाल्सेन कस्बे में निधन हो गया। वह 1975 की वर्ल्ड चैंपियन टीम का हिस्सा थे।
जूलियन ने 24 टेस्ट और 12 वनडे मैच खेले थे। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 68 विकेट लिए, जबकि 952 रन बनाए।
1975 वर्ल्ड कप फाइनल में नाबाद 26 रन बनाए थे 1975 वर्ल्ड कप में जूलियन ने ग्रुप स्टेज में श्रीलंका के खिलाफ 20 रन देकर 4 विकेट लिए थे। इसके बाद जूलियन ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 27 रन देकर 4 विकेट लिए थे। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 37 बॉल पर नाबाद 26 रन की पारी भी खेली थी।
अचानक इंटरनेशनल करियर खत्म हुआ उन्होंने 1970 से 1977 तक इंग्लैंड की काउंटी टीम केंट के लिए भी खेला। हालांकि, उनका इंटरनेशनल करियर तब रुक गया जब उन्होंने 1982-83 में साउथ अफ्रीका का दौरा किया। उस वक्त साउथ अफ्रीका में रंगभेद चरम पर था। ऐसे समय में वह साउथ अफ्रीका का दौरा करने वाली बागी वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा रहे।
वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड (CWI) के अध्यक्ष डॉ. किशोर शैलो ने बयान जारी करते हुए कहा कि बर्नार्ड जूलियन को सम्मानित करते हुए हम उस दौर की घटनाओं को बहिष्कार के नजरिए से नहीं बल्कि समझ के साथ देखना चाहिए। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा। उन्होंने जो विरासत छोड़ी, वह सदा जीवित रहेगी।

















