नई दिल्ली, दूसरे वनडे मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 285 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। टॉस के बाद बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया—शुरुआत में संभलकर रन जोड़े, बीच के ओवरों में गति बढ़ाई और अंतिम ओवरों में अहम रन बटोरकर स्कोर को प्रतिस्पर्धी स्तर तक पहुंचाया।
भारत ने दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड को 285 रन का टारगेट दिया। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग चुनी। भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट 284 रन बनाए।
न्यूजीलैंड ने 18 ओवर के बाद 2 विकेट के नुकसान पर 76 रन बना लिए हैं। टीम से विल यंग और डेरिल मिचेल पिच पर हैं। हर्षित राणा ने छठे ओवर में डेवोन कॉन्वे और प्रसिद्ध कृष्णा ने हेनरी निकोल्स को बोल्ड किया।
भारतीय पारी की खास बात रही टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर का योगदान। शुरुआती बल्लेबाजों ने ठोस नींव रखी, जिससे बाद में रन रेट बनाए रखना आसान हुआ। मिडिल ओवर्स में साझेदारियों ने पारी को स्थिरता दी, जबकि डेथ ओवर्स में आक्रामक शॉट्स के दम पर भारत 280 के पार पहुंचने में सफल रहा। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालकर दबाव बनाया, लेकिन अंतिम ओवरों में भारत ने बढ़त हासिल कर ली।
285 रन का लक्ष्य वनडे क्रिकेट में पूरी तरह हासिल करने लायक भी है और चुनौतीपूर्ण भी—सब कुछ पिच, आउटफील्ड और शुरुआती ओवरों में मिलने वाली मूवमेंट पर निर्भर करेगा। न्यूजीलैंड के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप है, ऐसे में भारत के गेंदबाजों को नई गेंद से अनुशासन बनाए रखना होगा और मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने होंगे।
अब मुकाबले का रुख भारतीय गेंदबाजी तय करेगी। पावरप्ले में शुरुआती ब्रेकथ्रू, स्पिनरों की भूमिका और डेथ ओवर्स की सटीकता—यही फैक्टर मैच का नतीजा तय कर सकते हैं। 285 का लक्ष्य बोर्ड पर है; अब देखना है कि भारतीय गेंदबाज इसे कितनी मजबूती से डिफेंड कर पाते हैं।
















