नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025 । इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) की नीलामी ने इस बार सभी को चौंका दिया। कुल 144 खिलाड़ियों पर ₹10 करोड़ की भारी-भरकम बोली लगी, जो यह दिखाती है कि लीग न सिर्फ लोकप्रिय हो रही है बल्कि निवेशकों और फ्रेंचाइजियों का भरोसा भी तेजी से बढ़ रहा है। खिलाड़ियों पर किया गया यह निवेश बताता है कि अब स्ट्रीट-स्टाइल क्रिकेट को भी प्रोफेशनल लेवल पर उसी गंभीरता से लिया जा रहा है, जैसी बड़े Domestic या T20 लीग में दिखती है।
इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) सीजन-3 की नीलामी के दौरान क्रिकेट आइकॉन सचिन तेंदुलकर ने सभी खिलाड़ियों को मेहनत, जुनून और आत्म-सुधार पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी और से नहीं, बल्कि खुद के कल से मुकाबला करना ही असली प्रगति है।
ISPL 9 जनवरी से 6 फरवरी के बीच सूरत में खेला जाएगा। इसमें आठ टीमें हिस्स लेंगी। मुंबई में ऑक्शन हुआ। इस अवसर पर सलमान मान, सैफ अली और अक्षर कुमार भी मौजूद रहे। इस बार ऑक्शन में 101 शहरों के 408 खिलाड़ी उतरे। जिसमें 144 खिलाड़ियों पर करीब ₹10 करोड़ खर्च किए गए। विजय पावले ऑक्शन के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उन्हें पिछली बार की चैंपियन माझी मुंबई ने ₹32.50 लाख में खरीदा।
क्रिकेट इसलिए खेला क्योंकि मुझे इससे बेइंतहा प्यार था
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि क्रिकेट उनके लिए हमेशा जुनून रहा। उन्होंने कहा,’मैंने क्रिकेट खेलना इसलिए शुरू किया क्योंकि मुझे इस खेल से बेहद प्यार था। मैं बस भारत के लिए खेलना चाहता था और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं तैयार था।’उन्होंने कहा कि करियर के शुरुआती दिनों में भी वे कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटे।
“एक समय ऐसा था जब मैंने गर्मी की छुट्टियों में 55 दिन लगातार अभ्यास किया और बीमार पड़ गया। जुनून और जोश नहीं होगा, तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे।’
फ्रेंचाइजियों ने इस नीलामी में खिलाड़ियों की स्किल, फिटनेस, फिनिशिंग एबिलिटी और अर्बन क्रिकेट अनुभव को प्राथमिकता दी। कई युवा खिलाड़ियों ने उम्मीद से ज्यादा कीमत हासिल की, जबकि कुछ अनुभवी स्ट्रीट क्रिकेटर्स को कोर रोल के लिए चुना गया। यह भी साफ है कि ISPL अपनी ब्रांड वैल्यू को बढ़ाने में सफल हो रही है—व्यूअरशिप, सोशल मीडिया एंगेजमेंट और स्पॉन्सरशिप में आए उछाल ने इसकी नीलामी बजट को और मजबूत बनाया है।
नीलामी में टीमों ने बैलेंस बनाने पर खास ध्यान दिया—हर फ्रेंचाइजी ने ऑल-राउंडर्स और डेथ-ओवर स्पेशलिस्ट को प्राथमिकता दी। इसके अलावा, कुछ टीमों ने स्थानीय शहरों के स्टार खिलाड़ियों पर भी दांव लगाया, ताकि फैन कनेक्ट बढ़ाया जा सके। कुल मिलाकर, ₹10 करोड़ का यह खर्च ISPL के तेजी से बढ़ते कदमों को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में यह लीग और भी बड़े पैमाने पर क्रिकेट के परिदृश्य को प्रभावित करेगी।
















